
रीवा शहर में तेंदुए की दहशत, वन विभाग को नहीं मिले ठोस सबूत, निगरानी जारी
शहर के रिहायशी इलाकों में तेंदुए की मौजूदगी की खबरों ने आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है। कृष्णा नगर, गोपाल नगर और महाजन टोला क्षेत्र में बीते कुछ दिनों से तेंदुआ दिखने की चर्चाओं के बाद लोग भय के माहौल में जीने को मजबूर हैं। हालांकि वन विभाग की ओर से अब तक तेंदुए की मौजूदगी के कोई ठोस प्रमाण सामने नहीं आए हैं, फिर भी एहतियातन पूरे इलाके में निगरानी बढ़ा दी गई है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि रात के समय संदिग्ध आवाजें सुनाई देती हैं और कुछ घरों में लगे सीसीटीवी कैमरों में तेंदुए जैसे दिखने वाले जानवर की झलक भी कैद हुई है। इसी वजह से लोग घरों से बाहर निकलने से बच रहे हैं और बच्चों को स्कूल भेजने में भी डर महसूस कर रहे हैं।
📌 सीसीटीवी में दिखा संदिग्ध जानवर, दहशत में लोग
जानकारी के अनुसार, वार्ड क्रमांक 43 और 44 के अंतर्गत आने वाले इलाकों में सबसे ज्यादा दहशत का माहौल है। कृष्णा नगर क्षेत्र में वन स्टॉप सेंटर के सामने रहने वाले एक नागरिक के घर में लगे सीसीटीवी कैमरे में 23 दिसंबर की रात करीब 11:28 बजे एक जंगली जानवर जैसा दृश्य रिकॉर्ड हुआ। वीडियो सामने आने के बाद पूरे मोहल्ले में अफरा-तफरी मच गई।
स्थानीय लोगों का दावा है कि यह जानवर तेंदुए जैसा दिखाई दे रहा था। कुछ लोगों ने यह भी बताया कि उसी रात आसपास के इलाकों में जानवर की आवाजें सुनी गईं। इसके अलावा, एक स्थान पर गाय के मारे जाने की सूचना भी सामने आई, जिससे लोगों का डर और बढ़ गया।
हालांकि वन विभाग का कहना है कि घटनास्थल पर जांच के दौरान किसी प्रकार के पगमार्क (पंजों के निशान) या प्रत्यक्ष सबूत नहीं मिले हैं, जिससे यह पुष्टि हो सके कि वास्तव में तेंदुआ ही था। इसके बावजूद विभाग मामले को हल्के में नहीं ले रहा और लगातार निगरानी रखी जा रही है।

📌 घरों में कैद हुए लोग, बच्चों को स्कूल भेजना बंद
तेंदुए की दहशत का असर आम जनजीवन पर साफ दिखाई देने लगा है। कृष्णा नगर, गोपाल नगर और महाजन टोला के कई परिवारों ने एहतियात के तौर पर अपने बच्चों को स्कूल भेजना बंद कर दिया है। महिलाएं सुबह-शाम घर से बाहर निकलने से बच रही हैं और लोग जरूरी काम होने पर ही बाहर जा रहे हैं।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि रात होते ही सन्नाटा पसर जाता है। मॉर्निंग वॉक करने वाले लोग भी अब घरों में ही रहना बेहतर समझ रहे हैं। कुछ इलाकों में लोग समूह बनाकर निगरानी कर रहे हैं ताकि किसी आपात स्थिति में तुरंत सूचना दी जा सके।
स्थानीय पार्षद और जनप्रतिनिधियों को भी लोगों ने इस विषय में अवगत कराया है। वार्ड पार्षद का कहना है कि लोगों की सुरक्षा सर्वोपरि है और वन विभाग को लगातार सूचना दी जा रही है। लोगों से अपील की गई है कि अफवाहों पर ध्यान न दें, लेकिन सतर्क जरूर रहें।
📌 वन विभाग का बयान: सबूत नहीं मिले, फिर भी सतर्कता जारी
वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर पूरे इलाके का निरीक्षण किया। अधिकारियों के अनुसार, अब तक की जांच में तेंदुए की मौजूदगी की पुष्टि करने वाले कोई ठोस प्रमाण नहीं मिले हैं। न तो स्पष्ट पदचिह्न मिले हैं और न ही किसी तरह के बाल या अन्य जैविक साक्ष्य।
वन विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि “हमें सूचना मिली थी कि सीसीटीवी में एक जंगली जानवर कैद हुआ है। टीम मौके पर गई, लेकिन जांच के दौरान यह स्पष्ट नहीं हो पाया कि वह तेंदुआ ही था। फिर भी एहतियात के तौर पर निगरानी बढ़ा दी गई है।”
उन्होंने यह भी बताया कि रात के समय गश्त बढ़ा दी गई है और वनकर्मियों को अलर्ट मोड पर रखा गया है। लोगों से अपील की गई है कि वे अकेले बाहर न निकलें, बच्चों को बिना जरूरत बाहर न भेजें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत विभाग को दें।
वन विभाग का यह भी कहना है कि कई बार कुत्ते, सियार या अन्य जानवर भी सीसीटीवी में तेंदुए जैसे दिखाई दे सकते हैं, जिससे भ्रम की स्थिति पैदा हो जाती है। इसलिए जब तक वैज्ञानिक जांच और प्रत्यक्ष प्रमाण न मिलें, किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं है।
📌 प्रशासन की अपील: अफवाहों से बचें, सतर्क रहें
प्रशासन और वन विभाग दोनों ने नागरिकों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर फैल रही अपुष्ट खबरों पर भरोसा न करें। किसी भी वीडियो या फोटो को बिना पुष्टि के साझा करने से डर का माहौल और बढ़ता है।
प्रशासन ने यह भी कहा है कि यदि वास्तव में तेंदुए की मौजूदगी की पुष्टि होती है तो तत्काल रेस्क्यू टीम, पिंजरे और विशेषज्ञों की मदद से उसे पकड़ने की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल निगरानी और सतर्कता ही सबसे बड़ा उपाय है।
📌 निष्कर्ष
शहर में तेंदुए की दहशत ने लोगों की दिनचर्या को प्रभावित कर दिया है। हालांकि अब तक वन विभाग को कोई ठोस सबूत नहीं मिले हैं, फिर भी सावधानी बरतना जरूरी है। प्रशासन, वन विभाग और स्थानीय जनप्रतिनिधि लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। लोगों से अपेक्षा की जा रही है कि वे संयम रखें, अफवाहों से दूर रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत संबंधित विभाग को दें।
स्थिति पर नजर बनी हुई है और आने वाले दिनों में जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।