National food security mission(NFSM) 2025

National food security mission (NFSM): उद्देश्य, लाभ, घटक और किसानों के लिए महत्व


National food security mission(NFSM) 2025 भारत एक कृषि प्रधान देश है, जहाँ करोड़ों लोगों की आजीविका खेती पर निर्भर है। बढ़ती जनसंख्या के साथ-साथ देश की सबसे बड़ी चुनौती है — पर्याप्त, सस्ता और पोषणयुक्त खाद्यान्न उपलब्ध कराना। इसी लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए भारत सरकार ने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन (National Food Security Mission – NFSM) की शुरुआत की थी। यह योजना किसानों की आय बढ़ाने, फसल उत्पादन सुधारने और खाद्य सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल मानी जाती है।

National food security mission(NFSM) 2025


🌾 राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन (NFSM) क्या है?
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन (NFSM) भारत सरकार की एक केंद्र प्रायोजित योजना है, जिसकी शुरुआत वर्ष 2007-08 में की गई थी। इस योजना का मुख्य उद्देश्य देश में चावल, गेहूं, दालें, मोटे अनाज (श्री अन्न) और तिलहन के उत्पादन में वृद्धि करना है।
इस मिशन के तहत किसानों को उन्नत बीज, तकनीकी सहायता, प्रशिक्षण और आधुनिक कृषि पद्धतियों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।


🎯 NFSM के मुख्य उद्देश्य
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन के प्रमुख उद्देश्य निम्नलिखित हैं:
देश में खाद्यान्न उत्पादन बढ़ाना
खेती की उत्पादकता में सुधार करना
किसानों की आय में वृद्धि करना
मृदा स्वास्थ्य और संसाधनों का संतुलित उपयोग
आधुनिक कृषि तकनीकों को बढ़ावा देना
पोषण सुरक्षा सुनिश्चित करना
जलवायु परिवर्तन के प्रभावों से निपटने में किसानों की मदद करना


🌱 NFSM के अंतर्गत शामिल प्रमुख फसलें
NFSM को अलग-अलग घटकों (Components) में लागू किया गया है, जिनमें प्रमुख रूप से निम्न फसलें शामिल हैं:


1️⃣ चावल (Rice)
उच्च उत्पादन वाले बीज
हाइब्रिड धान को बढ़ावा
लाइन ट्रांसप्लांटिंग तकनीक
जल संरक्षण आधारित खेती


2️⃣ गेहूं (Wheat)
उन्नत किस्मों के बीज
संतुलित उर्वरक प्रबंधन
रोग प्रतिरोधी किस्मों का प्रचार


3️⃣ दालें (Pulses)
अरहर, चना, मसूर, उड़द, मूंग आदि
कम लागत वाली खेती
मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने में सहायक


4️⃣ मोटे अनाज / श्री अन्न (Millets)
बाजरा, ज्वार, रागी, कोदो, कुटकी आदि
पोषण से भरपूर
सूखा सहनशील फसलें
जलवायु अनुकूल खेती को बढ़ावा


5️⃣ तिलहन (Oilseeds)
सरसों, सोयाबीन, मूंगफली, सूरजमुखी
खाद्य तेल उत्पादन में आत्मनिर्भरता का लक्ष्य


🧑‍🌾 NFSM के अंतर्गत किसानों को मिलने वाली सहायता
NFSM के अंतर्गत किसानों को कई प्रकार की सहायता प्रदान की जाती है:


✅ 1. उन्नत बीजों पर अनुदान
•किसानों को प्रमाणित और उच्च गुणवत्ता वाले बीज सब्सिडी पर उपलब्ध कराए जाते हैं।


✅ 2. कृषि यंत्रों पर सहायता
जैसे—
•सीड ड्रिल
•पावर वीडर
•स्प्रे मशीन
•थ्रेशर
•मल्चर
•इन पर 40% से 80% तक अनुदान दिया जाता है (राज्य के अनुसार अलग-अलग)।


✅ 3. प्रशिक्षण एवं प्रदर्शन
•किसान प्रशिक्षण शिविर
•खेत प्रदर्शन (Demonstration)
•किसान मेले
•जागरूकता कार्यक्रम


✅ 4. मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन
•संतुलित उर्वरक प्रयोग
•जैविक खाद का उपयोग
•मृदा परीक्षण को बढ़ावा


✅ 5. तकनीकी मार्गदर्शन
•कृषि वैज्ञानिकों और विभागीय अधिकारियों द्वारा किसानों को नई तकनीकों की जानकारी दी जाती है।


🏛️ NFSM का क्रियान्वयन कैसे होता है?
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन का संचालन निम्न स्तरों पर किया जाता है:
•केंद्र सरकार (कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय)
•राज्य कृषि विभाग
•जिला स्तर पर कृषि अधिकारी
•कृषि विज्ञान केंद्र (KVK)
•राज्य सरकारें केंद्र से प्राप्त फंड के आधार पर जिलों में  योजना को लागू करती हैं।


📊 NFSM से होने वाले प्रमुख लाभ
✔️ किसानों को सीधे फायदे
•उत्पादन लागत में कमी
•फसल उत्पादन में वृद्धि
•बेहतर बाजार मूल्य
•आधुनिक तकनीक तक पहुँच
•आय में स्थिरता


✔️ देश को मिलने वाले लाभ
•खाद्यान्न सुरक्षा मजबूत
•आयात पर निर्भरता कम
•पोषण स्तर में सुधार
•ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत
•सतत कृषि को बढ़ावा


🌍 NFSM और जलवायु परिवर्तन
आज खेती जलवायु परिवर्तन से सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्र है। NFSM के अंतर्गत ऐसी तकनीकों को बढ़ावा दिया जाता है जो:
•कम पानी में अधिक उत्पादन दें
•सूखा और बाढ़ सहनशील हों
•कार्बन उत्सर्जन कम करें
•प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण करें
•इससे भविष्य की कृषि अधिक टिकाऊ बनती है।


📌 NFSM की उपलब्धियाँ
गेहूं और चावल के उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि
दालों के उत्पादन में आत्मनिर्भरता की दिशा में प्रगति
मोटे अनाज को “श्री अन्न” के रूप में नई पहचान
किसानों की तकनीकी समझ में सुधार
खेती में वैज्ञानिक दृष्टिकोण का विकास


⚠️ NFSM से जुड़ी कुछ चुनौतियाँ
हालाँकि यह योजना सफल रही है, फिर भी कुछ चुनौतियाँ बनी हुई हैं:
•सभी किसानों तक सही जानकारी न पहुँचना
•छोटे व सीमांत किसानों की सीमित भागीदारी
•समय पर अनुदान न मिलना
•कुछ क्षेत्रों में तकनीकी संसाधनों की कमी
•जागरूकता की कमी


🔮 भविष्य की दिशा
सरकार लगातार NFSM को और मजबूत बनाने की दिशा में काम कर रही है। भविष्य में:
•डिजिटल प्लेटफॉर्म से आवेदन प्रक्रिया सरल होगी
•DBT के माध्यम से लाभ सीधे खाते में जाएगा
•ड्रोन व स्मार्ट कृषि तकनीक जोड़ी जाएगी
•किसानों को बाजार से सीधे जोड़ा जाएगा


📝 निष्कर्ष
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन (NFSM) भारत की कृषि व्यवस्था को मजबूत करने वाली एक बेहद महत्वपूर्ण योजना है। यह न केवल फसल उत्पादन बढ़ाने में सहायक है, बल्कि किसानों की आय, पोषण सुरक्षा और टिकाऊ कृषि को भी बढ़ावा देती है। यदि इस योजना को सही ढंग से लागू किया जाए और किसानों तक पूरी जानकारी पहुँचाई जाए, तो यह भारत को खाद्य सुरक्षा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने में अहम भूमिका निभा सकती है।

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