IndiGo Flight Crisis Explained — गलती किसकी? इंडिको फ्लाइट क्राइसिस इंडिको फ्लाइट क्राइसिस को अब तक का सबसे बड़ा एविएशन क्राइसिस माना जा रहा है। एक दिसम्बर के बाद से लबबक 4,500 फ्लाइट कैंसल या डिले हुई हैं। 5.5 लाख लोग इसमें प्रभावित हुए हैं। 610 करोड का रिफंड अब तक जा चुका है। आगे भी और जाने वाला है। सब आटोमेशन में डाल दिया है। अब यह हुआ कैसे। देखिए, DGCA ने अपने नए नॉर्म FDTL यानि फ्लाइट डूटी टाइम लिमिटेशन के अंतर्गत पायलट का आराम करने का समय बढ़ा दिया। पहले 36 था, अब उसको 48 घंटे कर दिया। इसके बाद में नई डूटी में कुछ लिमिटेशन लगा दिये गए।

इसके बाद जो इंडिगो में प्लानिंग होना था जो इसको लेकर प्रिपरेशन होना था, वो हो नहीं पाया। धीमे धीमे पालेट का और स्टाप का शौर्टिज होना शूरू हुगा। इसके बाद में फ्लाइट डिले हुई, बाद में कैंसलेशन स्टार्ट हुआ।और इसके बाद ये क्राइसिस, और साथ में दिसंबर का पीक महना होता है, यहाँ पर हॉलिडे और वेडिंग का सीज़न होता है, इसमें डिमांड बहुत हाई होता है। और साथ में टेकनिकल और वेदर इश्यू भी क्रिएट हुए, इससे भी फ्लाइट कैंसलेशन डिले हुए। ( इस सब ने मिलकर एक क्राइसिस शुरू हुआ और इतना बड़ा क्राइसिस में कन्वर्ट हो गया। अब सरकार का इसमें क्या भूमिका है? सरकार का बोलना है कि हमारी इसमें कोई गलती नहीं है। यह इंडिगो का मिस मैनेजमेंट है। हम इसपे एक्शन लेंगे हालकि सरकार ने आज एक्शन लिया भी है। इंडिगो की 10% कटोती हुए फ्लाइट में। इसका एक पक्ष यह भी है कि ऐसा कहा जा रहा है कि इंडिगो ने जानबुझ के ऐसा किया था कि सरकार अपने प्रेशर पड़े और सरकार अपने पॉलिसी वापस ले क्योंकि इससे इंडिगो को अपना स्टाफ भी बड़ा करना पड़ेगा इससे उसको कॉस्ट बढ़ेगी और उससे उनका घाटा होगा इस कारण से इंडिगो ने जानबूझ के किया हलकी यह कंफर्म नहीं है अभी जाच होगी फिर रिपोर्ट सामनी आएगी
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