नेपाल ने सौ का नोट जारी किया और दिखाई अपनी औकात

नेपाल ने एक नए सो का नोट जारी किया है, जिसमें उसने जो मैप शो किया है, उसमें भारत के तीन इलाके, कालापानी, लिपुलेक और लिम्पी अधुरा को शामिल किया है, जो कि पूर्ण तरह से भारत का हिस्सा है। इससे पहले 2020 में के पि ओली सरकार ने भी इस प्रकार की हरकत की थी, उन्होंने नेपाल के नए मैप में इन तीन इलाकों को शामिल किया था, जोकि पूर्ण तरह से भारत के कंट्रोल में हैं, जोकि उत्राखणड के पिथोरगड जिले का हिस्सा मारा जाते हैं।



देखिए, यह जो नोट है, यह चाइना की स्टेट ओर्ण कंपनी के द्वारा प्रिंट होते हैं, जो कि पहले भारत में प्रिंट होते थे, इसलिए चाइना की भुमिका इसमें देखी जा रही है।

दोस्तों, नेपाल वो देश है, इसकी  इकॉनमी का, विदेशी व्यापार का, इंपोर्ट एकस्पोर्ट का 70% पार्ट भारत पर निर्भर है। एनर्जी की बात करें तो:
LPG,
पैट्रोलियम,
इलेक्ट्रिसिटी

का 90% पार्ट भारत सप्लाई करता है। रोजगार की बात करें तो नेपाल की पोपुलेशन का बहुत बड़ा वर्ग भारत पर रहकर यहां काम करते हैं और उससे उनका परिवार का जीवन यापन होता है।

इस कंडिशन में नेपाल का ऐसा व्यवहार चिंताजनक है, नेपाल के लिए भारत को इससे कोई फर्क नहीं पड़ने वाला। नेपाल में जब GEN  जी मूमेंट हुआ था तो चाइना की भुमिका को लेकर शंका थी लेकिन अब कनफर्म हो गया है कि चाइना इसके पीछे है जो नेपाल को बर्बाद करने का प्रयास कर रहा है। नेपाल को समझना होगा कि कौन उसका दोस्त है और कौन उसका ऐसा दोस्त है जो उसको बर्बाद करने का प्रयास कर रहा है।

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